on being caring

A lovely little girl was holding two apples with both hands.
Her mom came in and softly asked her little daughter with a smile: my sweetie, could you give your mom one of your two apples?
The girl looked up at her mom for a few seconds, then she suddenly took a quick bite on one apple, and then quickly on the other.
The mom felt the smile on her face freeze. She tried hard not to reveal her disappointment.
Then the little girl handed one of her bitten apples to her mom and said: mommy here you are. This is the sweeter one.

Source: A sweet story

on safety

एक लङकी थी रात को आँफिस से वापस लोट रही थी तो देर भी हो गई थी…
पहली बार ऐसा हुआ ओर काम
भी ज्यादा था तो टाइम का पता ही नही चला
वो सीधे auto stand पहुँची
वहाँ एक लङका खङा था वो लङकी उसे देखकर डर गई की कही उल्टा सीधा ना हो जाए
तभी वो लङका पास आया ओर कहा बहन तू मौका नही जिम्मेदारी हे मेरी ओर जब तक तुझे कोई गाङी नही मिल जाती मैँ तुम्हे छोङकर कहीँ नही जाउँगा
” dont worry
वहाँ से एक ओटो वाला गुजर रहा था लङकी को अकेली लङके के साथ देखा तो तुरंत ओटो रोक दी ओर कहा कहाँ जाना हे मेडम आइये मे आपको छोङ देता हुँ
लङकी ओटो मे बेठ गई रास्ते मे
वो ओटो वाला बोला तुम
मेरी बेटी जैसी हो इतनी रात को तुम्हे अकेला देखा तो ओटो रोक दी आजकल जमाना खराब हेना और
अकेली लङकी मौका नही जिम्मेदारी होती हे
लङकी जहाँ रहती थी वो एरिया आ चुका था वो ओटो से उतर गई
ओर ओटो वाला चला गया
लेकिन अब भी लङकी को दो अंधेरी गली से होकर गुजरना था
वहाँ से सिर्फ चलकर गुजरना था
तभी वहाँ से पानीपुरी वाला गुजर रहा था शायद वो भी काम से वापस घर की ओर गुजर रहा था
लङकी को अकेली देखकर कहा आओ मेँ तुम्हे घर तक छोङ देता हुँ उसने अपने ने ठेले को वही छोङकर एक टोर्च लेकर उस लङकी के साथ अंधेरी गली की और निकल पङा
वो लङकी घर पहुँच चुकी थी आज
किसी की बेटी , बहन सही सलामत घर पहुँच चुकी थी
मेरे भारत को तलाश हे ऐसे तीन लोगो की
1) वो लङका जो बस स्टेड पर खङा था
2)वो ओटो वाला ओर
3) वो पानीपुरी वाला
जिस दिन ये तीन लोग मिल जाएगे उस दिन मेरे भारत मेँ रेप होना बंद हो जाएंगे तभी आएंगे अच्छे दिन।।
(http://goo.gl/nSQUw9)

on father

बड़े गुस्से से मैं घर से
चला आया ….
इतना गुस्सा था की गलती से पापा के
जूते पहने गए ….
मैं आज बस घर छोड़ दूंगा ….
और तभी लौटूंगा जब
बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा …
जब मोटर साइकिल नहीं दिलवा सकते थे ,
तो क्यूँ इंजीनियर बनाने के सपने देखतें
है …..
आज मैं पापा का पर्स
भी उठा लाया था ….
जिसे किसी को हाथ तक न लगाने देते
थे …
मुझे पता है
जरुर
इस पर्स मैं जरुर पैसो के हिसाब
की डायरी होगी ….
पता तो चले कितना माल छुपाया है …..
माँ से भी …
इसीलिए हाथ नहीं लगाने देते
किसी को..
जैसे ही मैं कच्चे
रास्ते से सड़क पर आया …
मुझे लगा जूतों में कुछ चुभ रहा है ….
मैंने जूता निकाल कर देखा …..
मेरी एडी से थोडा सा खून रिस
आया था …
जूते की कोई कील निकली
हुयी थी दर्द
तो हुआ पर
गुस्सा बहुत था …..
और मुझे जाना ही था …
घर छोड़कर …
जैसे ही कुछ दूर चला ….
मुझे पांवो में गिला गिला लगा…..
सड़क पर पानी बिखरा पड़ा था ….
पाँव उठा के देखा तो जूते के
तला टुटा था …..
जैसे तेसे
लंगडाकर बस स्टॉप पहुंचा …….
पता चला एक घंटे तक कोई
बस नहीं थी …..
मैंने सोचा ……
क्यों न पर्स
की तलाशी ली जाये ….
मैंने पर्स खोला ….
एक पर्ची दिखाई दी ……
लिखा था
लैपटॉप के लिए 40
हजार उधार लिए
पर लैपटॉप तो घर मैं मेरे पास है ?
दूसरा एक मुड़ा हुआ पन्ना देखा ……..उसमे
उनके ऑफिस
की किसी हॉबी डे
का लिखा था उन्होंने
हॉबी लिखी अच्छे जूते
पहनना ……ओह….अच्छे जुते
पहनना ???
पर उनके जुते तो ………..!!!!
माँ पिछले चार
महीने से हर पहली को
कहती है नए जुते ले
लो …
और वे हर बार कहते …..
अभी तो 6 महीने जूते और चलेंगे ..
मैं अब समझा कितने चलेंगे
……तीसरी पर्ची ……….
पुराना स्कूटर दीजिये एक्सचेंज में
नयी मोटर साइकिल ले
जाइये …
पढ़ते ही दिमाग घूम
गया…..
पापा का स्कूटर ………….
ओह्ह्ह्ह
मैं घर की और
भागा……..
अब पांवो मैं वो कील न चुभ
रही थी ….
मैं घर पहुंचा …..
न पापा थे न स्कूटर …………..
ओह्ह्ह नही
मैं समझ गया कहाँ गए ….
मैं दौड़ा …..
और
एजेंसी पर पहुंचा……

  1. पापा वहीँ थे ……………

मैंने उनको गले से लगा लिया …
और आंसुओ से
उनका कन्धा भिगो दिया
…..नहीं…पापा नहीं……..
मुझे नहीं चाहिए मोटर साइकिल………
बस आप नए जुते ले
लो और
मुझे अब बड़ा आदमी बनना है
वो भी आपके तरीके से …

(http://goo.gl/MHwomi)

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