कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है

यहाँ सब लोग कहते है मेरी आँखों में आसूँ हैं
जो तू समझे तो मोती है जो न समझे तो पानी हैं!

Source: हिंदी कविताएँ और कहानियाँ: कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है| (Koee Deewana Kahata Hai, Koee Pagal Samajhata Hai)